| छोटा सा सार
Insurance Agent vs POSP को लेकर कन्फ्यूजन है? आप अकेले नहीं हैं। दोनों ही इंश्योरेंस बेचते हैं। लेकिन उनका काम करने का तरीका, कंपनी से जुड़ाव, प्रोडक्ट विकल्प और कमाई का मॉडल अलग होता है। इस आसान गाइड में हम साफ और सीधी भाषा में समझेंगे कि Insurance Agent और POSP में क्या फर्क है — ताकि आप समझदारी से फैसला ले सकें। बिना जटिल शब्दों के। बस साफ बात। |
अगर आप इंश्योरेंस लेना चाहते हैं…
या इंश्योरेंस में करियर शुरू करने का सोच रहे हैं…
तो एक सवाल ज़रूर आता है:
Insurance Agent vs POSP – असली फर्क क्या है?
ऊपर से देखें तो दोनों एक जैसे लगते हैं।
दोनों पॉलिसी बेचते हैं।
दोनों कमीशन कमाते हैं।
लेकिन असल में काम करने का तरीका अलग है।
और यह फर्क समझना जरूरी है।
चलिये, एक-एक करके समझते हैं।
Insurance Agent क्या होता है?
Insurance Agent वह व्यक्ति होता है जो एक ही इंश्योरेंस कंपनी के लिए काम करता है।
आसान भाषा में:
Agent = एक कंपनी का प्रतिनिधि।
अगर कोई LIC का एजेंट है,
तो वह मुख्य रूप से LIC की ही पॉलिसी बेचेगा।
अगर वह किसी प्राइवेट कंपनी से जुड़ा है,
तो उसी कंपनी के प्लान दिखाएगा।
भारत में एजेंट मॉडल कितना बड़ा है?
- भारत में करोड़ों लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी चल रही हैं।
- पारंपरिक लाइफ पॉलिसी के नए बिज़नेस में लगभग 45–50% हिस्सा एजेंट चैनल से आता है।
- देश में 20 से ज्यादा लाइफ इंश्योरेंस कंपनियाँ और 30 से ज्यादा जनरल इंश्योरेंस कंपनियाँ हैं।
मतलब?
एजेंट मॉडल आज भी मजबूत है।
Insurance Agent की खास बातें
- एक ही कंपनी से जुड़ा होता है
- कंपनी से ट्रेनिंग मिलती है
- उसी कंपनी के प्रोडक्ट बेचता है
- कमीशन पर कमाई करता है
- लंबे समय का ग्राहक संबंध बनाता है
उदाहरण:
मान लीजिए आप रमेश जी से मिलते हैं।
वह LIC एजेंट हैं।
आप टर्म प्लान पूछते हैं।
वह आपको LIC के उपलब्ध टर्म प्लान दिखाएंगे।
वह दूसरी कंपनी का प्लान नहीं दिखा सकते।
सीधी बात। साफ संरचना।
POSP क्या होता है?
POSP का मतलब है: Point of Sales Person
POSP आमतौर पर किसी इंश्योरेंस ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म या इंटरमीडियरी के माध्यम से काम करता है।
आसान भाषा में:
POSP = एक प्लेटफॉर्म के जरिए कई कंपनियों के प्लान दिखा सकता है।
यानी, एक ही कंपनी तक सीमित नहीं रहता।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में इंश्योरेंस की पहुंच अभी भी सीमित है।
कई लोग अभी भी सही जानकारी नहीं रखते।
ऐसे में POSP मॉडल का उद्देश्य था:
- इंश्योरेंस को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना
- आसान एंट्री देना
- ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराना
Insurance Agent vs POSP: सीधा तुलना
| विषय | Insurance Agent | POSP |
| कंपनी से जुड़ाव | एक कंपनी | कई कंपनियाँ (ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए) |
| प्रोडक्ट विकल्प | सीमित | ज्यादा विकल्प |
| तुलना की सुविधा | कम | संभव |
| कमाई का तरीका | कमीशन | कमीशन |
| काम का तरीका | कंपनी आधारित | सलाह आधारित |
छोटा सा फर्क याद रखें:
Agent = एक ब्रांड
POSP = मल्टी-ब्रांड एक्सेस

ग्राहक के लिए इसका क्या मतलब है?
मान लीजिए:
अमित, उम्र 32 साल।
शादीशुदा।
सालाना आय ₹10 लाख।
उसे ₹1 करोड़ का टर्म प्लान चाहिए।
अगर वह Insurance Agent से मिलता है:
उसे उस कंपनी का टर्म प्लान दिखाया जाएगा।
अगर वह POSP से मिलता है:
उसे अलग-अलग कंपनियों के प्लान की तुलना दिख सकती है:
- प्रीमियम
- फीचर्स
- राइडर विकल्प
- क्लेम सेटलमेंट डेटा (नवीनतम उपलब्ध जानकारी के अनुसार)
लेकिन ध्यान रखें:
ज्यादा विकल्प = बेहतर फैसला, यह हमेशा जरूरी नहीं।
सबसे जरूरी क्या है?
समझ।
“पहले समझो, फिर फैसला करो।”

करियर के नजरिये से: Insurance Agent vs POSP
क्या आप करियर शुरू करना चाहते हैं?
तो यह हिस्सा आपके लिए है।
Insurance Agent करियर
- एक कंपनी से जुड़ाव
- संरचित ट्रेनिंग
- लंबे समय का संबंध मॉडल
- रिन्यूअल इनकम की संभावना
यह मॉडल उन लोगों के लिए अच्छा हो सकता है जो:
- स्थिर संरचना पसंद करते हैं
- एक ब्रांड के साथ लंबा जुड़ाव चाहते हैं
POSP करियर
- लचीला समय
- पार्ट-टाइम या फुल-टाइम दोनों संभव
- मल्टी-प्रोडक्ट एक्सेस
- शुरुआती एंट्री अपेक्षाकृत आसान हो सकती है
यह मॉडल सूट कर सकता है:
- गृहिणी जो अतिरिक्त आय चाहती हैं
- नौकरी करने वाला व्यक्ति जो साइड इनकम देख रहा है
- छोटा व्यवसायी जिसके पास लोकल नेटवर्क है
लेकिन एक बात साफ रखें:
कमाई मेहनत पर निर्भर है।
कोई फिक्स सैलरी नहीं।
कोई गारंटी नहीं।
“मेहनत और भरोसा – यही असली पूंजी है।”

कमाई की सच्चाई
Insurance Agent हो या POSP – दोनों कमीशन पर काम करते हैं।
शुरुआत के 6–12 महीने कई लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
लंबे समय में सफलता मिलती है जब:
- भरोसा बनता है
- रेफरल मिलते हैं
- ग्राहक संतुष्ट रहते हैं
- नियमित फॉलो-अप होता है
इंश्योरेंस तेज पैसे का काम नहीं है।
यह भरोसे का काम है।
ट्रेनिंग और नियम
दोनों भूमिकाओं में:
- ट्रेनिंग जरूरी है
- परीक्षा पास करनी होती है
- नियमों का पालन करना जरूरी है
गलत बिक्री (mis-selling) से:
- ग्राहक का भरोसा टूट सकता है
- आपकी साख खराब हो सकती है
- भविष्य की कमाई प्रभावित हो सकती है
एक गलत कदम, और सालों की मेहनत खत्म।
तो कौन बेहतर है?
सीधा जवाब?
कोई भी “अपने आप” बेहतर नहीं है।
आपको खुद से पूछना चाहिए:
- क्या मैं एक ब्रांड के साथ काम करना चाहता हूँ?
- या मुझे कई विकल्प दिखाने की स्वतंत्रता चाहिए?
- मुझे संरचना चाहिए या लचीलापन?
- मैं फुल-टाइम करना चाहता हूँ या पार्ट-टाइम?
सही चुनाव वही है जो आपकी परिस्थिति और लक्ष्य से मेल खाए।
आगे का अवसर
भारत में इंश्योरेंस सेक्टर में अभी भी विकास की काफी संभावना है।
लेकिन टिकाऊ सफलता किसमें है?
- सही जानकारी
- ईमानदारी
- लंबा संबंध
- जिम्मेदारी से सलाह
चाहे आप Insurance Agent हों या POSP – जिम्मेदारी एक ही है:
परिवार की सुरक्षा को गंभीरता से लेना।
अंतिम सार
एक बार फिर समझ लें:
- Insurance Agent एक कंपनी का प्रतिनिधि होता है।
- POSP एक प्लेटफॉर्म के जरिए कई कंपनियों के प्लान दिखा सकता है।
- दोनों कमीशन पर कमाते हैं।
- दोनों में भरोसा सबसे जरूरी है।
पॉलिसी बेचना आसान है।
भरोसा कमाना मुश्किल है।
और जो भरोसा कमाता है — वही लंबे समय तक टिकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. Insurance Agent vs POSP में मुख्य अंतर क्या है?
मुख्य अंतर यह है कि Insurance Agent एक ही कंपनी का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि POSP कई कंपनियों के प्लान ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिखा सकता है।
Q2. क्या POSP भारत में Insurance Agent से बेहतर है?
POSP अपने आप बेहतर नहीं है। सही विकल्प आपकी जरूरत, लचीलापन और करियर लक्ष्य पर निर्भर करता है।
Q3. क्या POSP कई कंपनियों की पॉलिसी बेच सकता है?
हाँ, POSP ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कई इंश्योरेंस कंपनियों के प्रोडक्ट बेच सकता है।
Q4. Insurance Agent या POSP कितनी कमाई कर सकते हैं?
कमाई निश्चित नहीं होती। यह आपकी मेहनत, नेटवर्क, भरोसा और निरंतरता पर निर्भर करती है।
Q5. क्या POSP बनना आसान है?
कई मामलों में POSP का ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया सरल हो सकती है, लेकिन दोनों भूमिकाओं में ट्रेनिंग और प्रमाणन जरूरी होता है।
अगर अब भी आपके मन में सवाल है – तो पहले समझ लीजिए।
समझ आएगी, तो निर्णय आसान होगा।



Leave A Comment